महावीर मंदिर ट्रस्ट, पटना द्वारा निर्मित विराट् रामायण मन्दिर 140 एकड़ क्षेत्र में फैला हुआ है। यह भव्य मन्दिर बिहार के पूर्वी चंपारण में ऐतिहासिक जानकी मार्ग पर अवस्थित है, जो अयोध्या को जनकपुर से जोड़ता है। मान्यता है कि भगवान श्री राम की बारात जनकपुर से लौटते समय इसी पवित्र स्थान पर रुकी थी।
यह मन्दिर 20,000 से अधिक श्रद्धालुओं के बैठने की क्षमता के साथ 21वीं सदी की वास्तुकला का एक अद्भुत उदाहरण बनेगा।
फीट लंबाई
फीट चौड़ाई
फीट ऊंचाई
मन्दिर में कुल 12 शिखर होंगे। सबसे ऊँचा शिखर 270 फीट का होगा, जबकि अन्य शिखरों की ऊंचाई 198, 180, 135 और 108 फीट होगी।
तीन मंजिला इस मन्दिर परिसर में कुल 22 देवी-देवताओं के भव्य देवालय स्थापित किए जाएंगे, जो सनातन धर्म की समग्रता को दर्शाएंगे।
मन्दिर के मुख्य प्रांगण में एक साथ 20,000 से अधिक श्रद्धालुओं के बैठने की क्षमता होगी, जो इसे वैश्विक स्तर का तीर्थस्थल बनाता है।
मन्दिर परिसर में सर्वप्रथम विश्व के सबसे बड़े शिवलिंग (सहस्रशिवलिङ्ग) की स्थापना की जाएगी। इसे महाबलीपुरम के प्रसिद्ध ब्लैक ग्रेनाइट पत्थर से तराशा जा रहा है।
यह मन्दिर न केवल वास्तुकला का चमत्कार है, बल्कि यह अयोध्या और जनकपुर के सांस्कृतिक और आध्यात्मिक संबंधों को भी मजबूती प्रदान करेगा।